इत्र कारोबारी पम्पी के ठिकानों पर रेड से भड़के रामगोपाल यादव, BJP पर ऐसे निकाली भड़ास
- 'चुनावों में समाजवादियों के यहां पड़ते हैं छापे'

- 'बीजेपी को भुगतना होगा खामियाजा'
- 'BJP नेताओं के यहां रेड क्यों नहीं'
कन्नौज: इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर से कर चोरी करके इकट्ठा किए गए करोड़ों रुपये की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने अब बाकी इत्र कारोबारियों पर छापेमारी शुरू की है. जिन कारोबारियों के ठिकानों पर रेड पड़ी है, उनमें समाजवादी पार्टी के MLC पुष्पराज जैन पम्पी (Pushpraj Jain Pumpi) भी शामिल हैं. पंपी पर छापेमारी के बाद एसपी के नेता लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं.
'चुनावों में समाजवादियों के यहां पड़ते हैं छापे'
एसपी सांसद रामगोपाल यादव (Ram Gopal Yadav) ने कहा, 'ऐसा है कि जब चुनाव आते हैं तो समाजवादियों के यहां ही छापे पड़ते हैं. दूसरों के यहां छापे थोड़े ही पड़ेंगे. जो बीजेपी को हराने जा रही है, उसी पार्टी के यहां तो छापे पड़ेंगे. यह हम लोग जानते ही हैं. इसमें हम लोगों के लिए हैरानी की कोई बात नहीं है.'
'बीजेपी को भुगतना होगा खामियाजा'
मोदी सरकार पर भड़ास निकालते हुए रामगोपाल यादव (Ram Gopal Yadav) ने कहा, 'इसके पहले भी एसपी के 3 लोगों के यहां छापे पड़े थे. ये छापे मैनपुरी और मऊ में पड़े थे. केवल चुनाव की वजह से छापे पड़ रहे हैं. लेकिन रेड डालने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि जब-जब सत्ता में बैठे हुए लोगों की असल मंशा को पब्लिक पहचान लेती है तो उन्हें इसका दंड भुगतना पड़ता है. इसी तरह का खामियाजा भुगतना पड़ा. उन्हें पंजाब से बिहार तक केवल एक सीट मिली थी. अब यूपी में यही होने जा रहा है. यूपी में पड़ रहे हरेक छापे के बाद बीजेपी की 10 सीटें कम होती जा रही है.'
'BJP नेताओं के यहां रेड क्यों नहीं'
एक सवाल के जवाब में रामगोपाल यादव (Ram Gopal Yadav) ने कहा, 'हमारे पेट में दर्द इसलिए हो रहा है कि केवल एसपी नेताओं और समर्थकों के यहां छापे मारे जा रहे हैं. बीजेपी से जुड़े तमाम लोग भी कुबेरपति हैं लेकिन उनके यहां रेड नहीं हो रही है. इन एक्शन को जायज ठहराते हुए बीजेपी के नेता इनकम टैक्स के प्रवक्ता के रूप में बयान दे रहे हैं. इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है.'
'छापेमारी बीजेपी की हताशा का प्रतीक'
एसपी सांसद ने कहा कि यूपी की जनता मूर्ख नहीं है. चाहे वह गांव में रहने वाला हो या फिर सड़क पर झाड़ू लगाने वाला. वे समझ जाते हैं कि इन कार्रवाइयों के जरिए बीजेपी क्या संदेश देना चाहती है. कुल मिलाकर यह सब बातें बीजेपी की हताशा की प्रतीक हैं और इनसे कुछ होने वाला नहीं है.
'एसपी का बढ़ रहा वोट शेयर'
रामगोपाल यादव (Ram Gopal Yadav) ने दावा किया कि अखिलेश यादव की सभाओं में आ रहे लोगों को रोकने के लिए पूरा प्रशासन लग जाता है. जबकि पीएम और गृह मंत्री की सभाओं में भीड़ इकट्ठी करने के लिए यही अफसर दिन-रात एक कर देते हैं. इसके बावजूद लोग अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को जमकर प्यार दे रहे हैं. बीजेपी नेता सोच रहे हैं कि उनके छापों से एसपी नेता डर जाएंगे. असल बात ये है कि इससे उनकी पार्टी का वोट शेयर बढ़ रहा है.